जमीयत उलेमा हिन्द गौतमबुद्धनगर के जिला अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद हसन ने आर0आर0 कालौनी मदरसा दारूल उलूम सुब्हानिया में फहराया तिरंगा

जेवर। 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस (योम-ए-जम्हूरिया) के मौके पर आर0आर0 काॅलोनी स्थित मदरसा दारूल उलूम सुब्हानिया में जमीयत उलेमा जिला गौतमबुद्धनगर की तरफ से जिला अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद हसन द्वारा तिरंगा फहराया गया और तिरंगा रैली निकाल कर अमन और शान्ति का संदेश दिया गया।
आरआर कालौनी स्थित मदरसा दारूल उलूम सुब्हानिया में 26 जनवरी गणतन्त्र दिवस (योम-ए-जम्हूरिया) के मौके पर झण्डा फहराने के दौरान उपस्थित जमीयत के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं और गांव के लोगों को सम्बोधित करते हुए जमीयत उलेमा ए हिन्द के जिला अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद हसन ने अपने बयान में कहा कि आज देश को आजाद हुए तकरीबन 80 साल गुजर गए हमारा देश भारत 15 अगस्त सन 1947 को आजाद हुआ था और आज ही के दिन 26 जनवरी 1950 को देश का कानून यानी संविधान लागू किया गया था। तिरंगा फहराकर अमन और शांति का संदेश देते हुए जमीयत उलेमा ए हिन्द के जिला अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद हसन हुए आगे कहा कि हमारे देश हिंदुस्तान को अंग्रेजों ने बड़ी ही चालाकी और मक्कारी से गुलाम बनाकर इस पर काबू कर लिया और हम हिंदुस्तानियों को तकरीबन दो सौ सालों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़ लिया और बेगुनाह हिन्दुस्तानियों पर जुल्मो सितम बरपा कर गुलामी की तमाम हदों को पार कर दिया। अंग्रेजों के जुल्म से परेशान फिर हम सब हिंदू मुस्लिम सिख इसाईयों ने मिलकर यह तय किया के हम अब अपने इस देश भारत को अंग्रेजों के चंगुल से छुड़ायेंगे उसके बाद आजादी की जंग लड़ी बड़ी मेहनत और कोसिशों के बाद हमारा यह देश हिंदुस्तान 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ जिसके बाद से आज हम आजाद हिंदुस्तान में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब देश को आजाद हो जाने के बाद इसको चलाने के लिए एक कानून की जरूरत पड़ी इसी के मददेनज़र हमारे देश का कानून संविधान बनाया गया जिसको 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया इसी वजह से आज हम इसको गणतंत्र दिवस (यो ए जम्हूरिया) के रूप में उसी दिन से मनाते चले आ रहे हैं। जमीअत के जिला गौतमबुद्धनगर अध्यक्ष मूफ्ती मोहम्मद साहब अपना बयान जारी रखते हुए कहा कि जमीयत उलेमा ने इस देश को आजाद कराने के लिए बहुत बड़ी कुर्बानी पेश की है। अंग्रेजों ने लाखों उलेमाओं को शहीद कर दिया था उन्होंने कहा कि उलेमाओं ने इस देश की आजादी की खातिर अपनी जानों का सौदा नहीं किया वल्कि इस वतन ए अजीज़ के लिए खुशी खुशी अपनी जानें कुरबान कर दीं उन्होंने कहा अगर आगे भी इस देश को जरूरत पड़ी तो देश के लिए उलेमा आज भी अपनी जानें कुर्बान करने से पीछे नहीं हटेंगे। गण्तन्त्र दिवस पर ध्वजारोहण के अवसर पर मुफ्ती अब्दुल सलाम साहब मौलाना परवेज साहब मौलाना मुकीम साहब उमरू प्रधान जी भाई जमशेद भाई हसीन आदि सहित भारी तादाद में लोग मौजूद रहे।
