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कुल शरीफ के बाद सम्पन्न हो गया तीन फरवरी से शुरू हुआ सुल्तान उल औलिया हज़रत बाबा शकर बरस का 567वाॅं मेला उर्स

जेवर। सुल्तान उल औलिया हज़रत बाबा शकर बरस सब्जबारी रहमतुल्लाही अलैय की दरगाह शरीफ बड़ी सरकार के आस्ताने पर तीन फरवरी से 2026 से शुरू हुआ गंगा जमुनी तहज़ीब की मिशाल पेश करने वाला मेला उर्स शरीफ इस बार तीन फरवरी से शुरू होकर आठ फरवरी की सुबह अल-फज़र गुसल़ उपरान्त फजर की नामज़ और कुरान ख्वानी एवं कुल शरीफ के बाद सम्पन्न हो गया जिसकी शुरूआत उर्स मेला कमेंटी के सदर द्वारा हज़रत बाबा शकर बरस रहमतुल्लाही अलैय की मजार पर चादर चढ़ाते हुए गुलपोशी कर और झण्डा नवस करने के पश्चात मीलाद शरीफ से की।
मेला उर्स शरीफ कमेंटी के सदर शकील फारूकी व महासचिव अब्दुल हमीद ठेकेदार व उपाध्यक्ष वकील सलमानी और बाबू खाॅं अल्वी रेडियो वालों ने जानकारी देते हुए बताया कि सब्जबारी सुल्तान उल औलिया हज़रत बाबा शकर बरस रहमतुल्लाही अलैय बड़ी सरकार की दरगाह शरीफ पर तकरीबन 700 वर्षों से हर वर्ष शाबान माह की 14 तारीख़ से लगने वाला गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करने वाला प्राचीन एवं ऐतिहासिक 567वाॅं मेला उर्स शरीफ इस बार तीन फरवरी मंगलवार से शुरू हुआ जो आठ फरवरी की सुबह अल-फज़र कुरान ख्वानी व कुल शरीफ के बाद सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस बार भी मेला उर्स शरीफ में बड़ा झूला छोटे चरख के अलावा छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न तरह के खेल तमाशों के साथ साथ हर वर्षों की तरह इस बार भी हिन्दुस्तान की कई नामवर कव्वाल पार्टियांे ने मेला उर्स शरीफ में आने वाले जायरीनों एवं आगन्तुकों का जमकर खूब मनोरंजन किया एवं सबक आमोज वाकेयात पर कव्वाली पेशकर लोगों को सहीं राह पर चलने तथा नेक कार्य करने का रास्ता बताया। उर्स मेला कमेटी के सदर शकील फारूकी महासचिव अब्दुल हमीद ठेकेदार व उपाध्यक्ष वकील सलमानी बाबू खाॅं अल्वी एवं बल्लू खलीफा ने बताते हुए कहा कि सुल्तान उल औलिया हज़रत बाबा शकर बरस रहमतुल्लाही अलैय की दरगाह शरीफ के सबसे पहले प्रवेश द्वार तक हर साल इस्लामी कैलेण्डर के शाबान माह की 14 तारीख को शब ए बरात के दिन से रोशनी का विशेष प्रबन्ध किया जाता है बाबा का उर्स शब ए बरात के दिन मीलाद शरीफ अल्लाह और उसके हबीब मुहम्मद मुस्तफा सलल्लाहु अलैय ही वसल्लम की हमदो सना से शुरू होता है। उन्होंने बताया कि अगले दिन मौहल्ला रावलपटटी स्थित चैधरियों वाली चैपाल से बाबा शकर बरस औलिया की चादर बैंण्डबाजों के साथ निकाली जाती है जो मेंन बाजार आजाद चैक मोर बिल्ड़िग से होते हुए पुराने डाकखाने वाली गली से होकर टंकी वाले मौहल्ले होती हुई औलिया बाबा की मजार पर पहुॅंचती है इस बार भी बाबा शकर बरस औलिया की चादर सूफी अब्दुल गफ्फार खाूं समदी के खादिम सूफी मौहम्मद शब्बीर गफ्फारी के नेत्त्व में बैण्ड-बाजों के साथ निकाली गई इस मौके पर उर्स शरीफ मेला कमेटी के सदर शकील फारूकी उपाध्यक्ष वकील सलमानी महासचिव अब्दुल हमीद ठेकेदार कोषाध्यक्ष डा0 सलीम सलमानी सचिव शकील अहमद सगीर सलमानी सन्नी कुरैशी उपसचिव सददाम इदरीसी मंच संचालक जाहिद मलिक ठेकेदार एवं उर्स मेला कमेटी के समस्त सदस्य मौजूद रहे।

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