नवोदय विद्यालय के छात्रों को ट्रक हाइवा ने टक्कर मारी एक घायल एक की मौत

जेवर। नवोदय विद्यालय दादरी में कक्षा आठ के दो छात्रों को ट्रक हाईवा ने उस समय जोरदार टक्कर मार दी जबकि वह सम्भल के एक विद्यालय से हेण्ड बाॅल खल प्रतियोगिता में खेलकर एक रोड़वेज बस द्वारा नवोदय विद्यालय दादरी वापस आए थे और वह बस से उतर कर अपने विद्यालय की ओर सड़क क्राॅस कर रहे थे कि अचानक तेजगति से पीछे से आए एक हाइवा ट्रक ने उनमें जोरदार टक्कर मार दी टक्कर लगने से जेवर निवासी एक छात्र मौहम्मद उमर 15 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई तथा गोपालगढ़ जेवर का ही दूसरा छात्र रवि घायल हो गया जिसके हाथ में चोट आई है जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। नवोदय विद्यालय दादरी के प्रधानाचार्य अमरेन्द्र कुमार रंजन व सहायक अध्यापक अमित कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 अप्रैल को विद्यालय के 12 छात्रों का एक ग्रुप सम्भल स्थित एक विद्यालय में आयोजित हैण्डबाॅल प्रतियोगिता में भाग लेने गया था जहां उनके विद्यालय के चार छात्रों का सलेक्शन रीजनल हैण्डबाॅल खेल प्रतियोगिता के लिए हो गया बाकी शेष आठ बच्चे रोडवेज़ बस द्वारा वापस विद्यालय लौट रहे थे और दादरी पहुॅचकर बस उतरकर सड़क क्राॅस कर रहे थे कि उसी समय पीछे से तेजगति से आये एक ट्रक हाईवा ने एक छात्र मौहम्मद उमर में जोरदार टक्कर मारी जिससे उसकी दर्दनाक मौके पर ही मौत हो गई तथा दूसरा छात्र रवि घायल हो गया जिसके हाथ में फ्रेक्चर आया है जिसका इलाज चल रहा है।
रो-रोकर परिजनों का हुआ बुरा हाल

जेवर। सम्भल में आयोजित हैण्डबाॅल खेल प्रतियोगिता से लौटकर दादरी नवोदय विद्यालय वापस आए छात्र मौहम्मद उमर की अचानक ट्रक हाईवा की टक्कर से हुई दर्दनाक मौत की सूचना पाते ही छात्र के परिजनों में कोहराम सा मच गया पोस्टमार्टम के बाद घर पहुॅंचे मृतक के शव के पास बैठकर सभी परिजन फूटफूट कर रोने लगे दादा इदरीश खाॅं से लेकर सभी परिजन विद्यालय स्टाफ की गलती बता रहे थे उनका कहना था कि अगर विद्यालय का स्टाफ सूझबूझ से काम लेता और रोड़वेज की बस को विद्यालय के पास किसी सही स्थान पर रूकवा लेता तो शायद उनका बच्चा उमर नहीं मरता। उन्होंने मृतक छात्र के पिता वकील के लगभग 6-7 साल पूर्व एक हादसे में मौत हो जाने के बाद अपने पौत्र मौहम्मद उमर से आस लगाई थी कि वह पढ़ लिखकर उनके घर के हालात सुधारेगा इसी लिए तो उसे पढ़ने के लिए नवोदय विद्यालय दादरी भेजा था।
