मांगों को लेकर कड़ी धूप में किसानों ने किया धरना प्रदर्शन

जेवर/रबूपुरा। राष्ट्रीय किसान यूनियन के बैनर तले तिरथली स्थित किसानों ने धरना देकर प्रदर्शन करते हुए मांगों को पूरी करने समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने की मांग उठाते हुए कहा कि प्रशासन शीघ्र किसानों को 7 प्रतिशित आवासीय भूखण्ड और 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देकर जल्द किसानों की समस्याओं का निस्तारण करे।
राष्ट्रीय किसान यूनियन के बैनर तले राष्ट्रीय महासचिव शाहिद प्रधान के नेत्त्व में तिरथली पर तपती दोपहरी एवं कड़ी धूप में आयोजित धरना प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए राकियू के राष्ट्रीय महासचिव शाहिद प्रधान ने कहा कि यमुना प्राधिकरण द्वारा किसानों को मुआवजा शहरी क्षेत्र के हिसाब से दिया गया है और सुविधाएं ग्रामीण स्तर की दी जा रही हैं स्थानीय क्षेत्र के ग्रामवासियों के साथ प्राधिकरण द्वारा धोखा किया जा रहा है जब मुआवजा शहरी स्तर का दिया गया है तो फिर जन सुविधाएं ग्रामीण स्तर की क्यों दी जा रही हैं जब सुविधाऐं ग्रामीण स्तर की दी जा रही हैं तो तो फिर उन्हें मुआवजा भी ग्रामीण स्तर से चार गुना दिया जाये। धरना प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए एडवोकेट मौअज्जम खांन ने कहा कि सन 1947 में देशवासियों ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराते समय सोचा था कि जब उनका देश भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो जायेगा तो यहां अपने विधायक अपने मुख्यमंत्री अपने पीएम होगें सभी सरकारी अमला हमारा अपना होगा मगर क्या खबर थी कि यहां से अंग्रेजों के जाने के बाद हम किसानों को अपनों से ही अपने हकों के लिए लड़ाई लड़नी पड़ेगी। उन्होंने धरना स्थल पर पहुॅंचे प्रशासनिक अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि आप तो हमारे अपने हैं हमारे दर्द को अपना दर्द समझकर हमारे बीच में आए हैं हमें आपसे पूरी उम्मीद है कि आप हम किसानों का हक दिलायेंगे और किसानों की सभी समस्याओं का जल्दी ही निस्तारण करायेंगे। धरना स्थल पर पहुॅंचे प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों के सामने वादा किया कि वह जल्दी ही आपकी समस्याओं का निस्तारण कराने का प्रयास करेगें। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता हाजी महबूब खाॅं ने किया और संचालन राकियू के राष्ट्रीय महासचिव शाहिद प्रधान द्वारा किया गया इस अवसर पर एडवोकेट मुकर्रम खांन उदयवीर सिंह चै0 बिजेन्द्र सिंह रविन्द्र सिंह बृजपाल सिंह विपिन चै0 अमरपाल सिंह जगवीर सिंह हरिश्चन्द जाटव आदि सहित सैंकड़ों किसान मौजूद रहे।
